हर जगह से हार कर आदमी धरम के रास्ते को अपनाता है. लेकिन जब धर्म ही पीड़ित हो तो आदमी क्या कर सकता है. गीता में कृष्ण ने कलयुग के बारे में सच ही कहा था जो आज सच हो रहा है. आज के युग में धरम को बचा कर रखने वाला मनुष्य सुरक्षा की भीख मांग रहा है. वो भी अपने लिए नही एक मंदिर के लिए और वहां आने वाले धर्मात्माओं के लिए. बाबा भोले की नगरी देवघर धर्मों की नगरी कही जाती है. यहाँ एक पुजारी मंदिर की सुरक्षा के लिए अनसन पर बैठ गये है. आखिर इसे कहां का न्याय कहा जाये. आखिर कोन सी मज़बूरी हुई उसकी जो उसे अनसन पर जाना पड़ा. पुजारी जी कहते है जिले के सारे अफसरों को कहते कहते थक गया लेकिन उनहोंने एक ना सुनी. थक कर अनसन पर जाना पड़ा.
आज धरम भी संकट में आ गया है. इसे कोन बचाएगा.
आज धरम भी संकट में आ गया है. इसे कोन बचाएगा.

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