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12/19/2009

संकल्‍प: पनाह

संकल्‍प: पनाह

1 टिप्पणी:

prasun kumar mishra ने कहा…

संकल्प तो लेना ही होगा। संकल्प जिसमें विकल्प की गुंजाइश नहीं रहती है। सेवा करनी ही होगी। मानवता की रक्षा के लिए समाज की रक्षा के लिए और आने वाली पीढी को संदेश, प्रेरणा और ऐसा ही आचरण करने के लिए। लेखक ने जिस विषय को उठाया है वह प्रशंसा के योग्य है।